बस्ती। लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम की मार से कहीं धान की फसल खेतों में गिर गई तो कहीं केले के पेड़ तेज हवा के झोंकों से धराशायी हो गए। कई स्थानों पर घरों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। भारी बारिश और हवा के चलते किसानों को बड़े पैमाने पर फसल नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। बारिश और तेज हवा के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल गिरने लगी है। कई किसानों की महीनों की मेहनत देखते ही देखते खेतों में बिछ गई। फसल गिरने से दाने खराब होने और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। वहीं केले की फसल को भी तेज हवाओं ने काफी नुकसान पहुंचाया है।

🌾 खेतों में बिछी किसानों की मेहनत। किसानों का कहना है कि खेती में बीज, खाद, पानी और मजदूरी पर काफी खर्च किया गया था। अच्छी फसल की उम्मीद थी, लेकिन लगातार खराब मौसम ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जिन खेतों में फसल लहलहा रही थी, वहां अब बड़ी संख्या में पौधे जमीन पर गिरे दिखाई दे रहे हैं।किसानों के लिए यह नुकसान केवल खेत में गिरी फसल का नहीं, बल्कि पूरे साल की मेहनत और लागत पर पड़ा असर है। कई परिवारों की आर्थिक स्थिति खेती पर ही निर्भर है। ऐसे में फसल का नुकसान उनके सामने आर्थिक संकट को और बढ़ा सकता है।

🏠 पेड़ और घर भी प्रभावित तेज हवा का असर केवल फसलों तक सीमित नहीं रहा। कई जगह केले के पेड़ और अन्य पेड़ गिरने की स्थिति सामने आई है। कुछ स्थानों पर कच्चे और कमजोर घरों को भी नुकसान पहुंचा है। बारिश और हवा ने ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन को प्रभावित किया है।
मौसम का मिजाज किसानों के लिए लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। फसलों के लगातार गिरने से किसान परेशान हैं और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि अपनी मेहनत और नुकसान का दर्द किससे कहें।
बारिश और तेज हवा ने खेतों में खड़ी फसलों को जिस तरह प्रभावित किया है, उससे किसानों के सामने इस सीजन की मेहनत और कमाई दोनों पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
Author Profile

Latest entries
देशOctober 13, 2026पुलिस लाइन बस्ती में ग्राम प्रहरियों के सम्मान समारोह का हुआ सजीव प्रसारण, 325 से अधिक ग्राम चौकीदार रहे मौजूद
समाचारOctober 13, 2026समाजसेविका सुनीति सिंह बनीं जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष
समाचारOctober 12, 2026भारत सेवाश्रम संघ के शताब्दी वर्ष पर जंगमबाड़ी व्यापार मंडल ने पेश की सेवा की मिसाल।
समाचारOctober 12, 2026शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन की हार्दिक शुभकामनाएँ
