October 14, 2026
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गोपालगंज में पुलिस पर बड़ा एक्शन: एसपी विनय तिवारी ने अपने ही थानेदार समेत चार को भेजा जेल

गोपालगंज- गोपालगंज जिले में पुलिस विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। जादोपुर थाना क्षेत्र में अवैध हिरासत और कथित वसूली के आरोपों की जांच के बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। गोपालगंज जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर विनय तिवारी को जिले का पुलिस अधीक्षक बताया गया है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मामले में जादोपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम, पुलिस चौकीदार महंत यादव, चालक राकेश कुमार और कथित बिचौलिया राजू यादव को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि कुछ लोगों को करीब 36 घंटे तक कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना हिरासत में रखा गया और उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर पैसे की मांग की गई।

शिकायत के बाद कराई गई जांच

रिपोर्टों के मुताबिक, गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी को 16 अगस्त को मामले की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने डीएसपी मुख्यालय को जांच के निर्देश दिए। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामले में जादोपुर थाना कांड संख्या 185/2026 दर्ज किए जाने की भी रिपोर्ट है।

गरीब महिला और बेटी से जुड़े मामले का भी उल्लेख

कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि कथित तौर पर गांजा बरामदगी के मामले में बेतिया से गाय खरीदने आई एक महिला और उसकी बेटी सहित कुछ लोगों को हिरासत में रखा गया था। रिपोर्टों में करीब 1.80 लाख रुपये की कथित अवैध वसूली का आरोप भी सामने आया है। हालांकि, इन आरोपों को न्यायिक रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि जांच और मीडिया रिपोर्टों में सामने आए आरोप के रूप में देखा जाना चाहिए।

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पुलिस विभाग में कार्रवाई का संदेश

एसपी विनय तिवारी की कार्रवाई इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि मामला पुलिस विभाग के ही कर्मचारियों से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक कानून तोड़ने और अवैध वसूली के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

दैनिक प्रहरी लाइव न्यूज़ की अपील है कि ऐसे मामलों में आरोपों और जांच के तथ्यों को अलग-अलग रखते हुए निष्पक्ष जानकारी सामने लाई जाए। गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ अंतिम दोषसिद्धि अदालत के निर्णय के बाद ही मानी जाएगी।

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बलराम
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