वाराणसी। केंद्रीय कारागार वाराणसी में हृदय रोगों की रोकथाम एवं स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर हृदय रोग विभाग, सर सुंदरलाल चिकित्सालय, बीएचयू तथा एस.आर.एस.एन.टी. मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान बंदियों एवं कारागार कर्मियों के रक्तचाप, वजन तथा अन्य आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किए गए और विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य संबंधी परामर्श प्रदान किया गया।
इस अवसर पर आईएमएस-बीएचयू के हृदय रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं परियोजना अधिकारी डॉ. सुयश त्रिपाठी ने कहा कि उच्च रक्तचाप और मोटापा ऐसे “साइलेंट किलर” हैं, जो बिना किसी स्पष्ट लक्षण के हृदय को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने नियमित योग, प्राणायाम, संतुलित आहार एवं तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। एस.आर.एस.एन.टी. मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक ट्रस्टी एवं बीएचयू के पूर्व संकाय प्रमुख प्रो. यामिनी भूषण त्रिपाठी ने कहा कि यह कार्यक्रम जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने घोषणा की कि ट्रस्ट आगामी समय में वाराणसी नगर निगम के सभी 90 वार्डों में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता अभियान चलाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें। शिविर के सफल संचालन में समाजसेवी अजय कुमार पांडेय, राजकीय शिक्षक एवं समाजसेवी अजय कुमार तिवारी तथा सह-परियोजना अधिकारी वैद्य सुशील कुमार दुबे सहित चिकित्सकीय टीम का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम के अंत में जेल प्रशासन ने इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए आयोजकों एवं चिकित्सकीय टीम का आभार व्यक्त किया।
Author Profile



