कानपुर। आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध बनाने के उद्देश्य से कानपुर में ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने तथा किसानों को आधुनिक एवं नवीनतम कृषि तकनीकों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल किसानों की लागत कम करती है, बल्कि भूमि की उर्वरता बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस पद्धति को अपनाकर किसान बेहतर उत्पादन के साथ सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध करा सकते हैं।
इस अवसर पर प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान बहनों और भाइयों ने भाग लेकर प्राकृतिक खेती से जुड़ी नई जानकारियां प्राप्त कीं।
कार्यक्रम के दौरान किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया। साथ ही सभी अन्नदाता किसानों को उनकी मेहनत और कृषि विकास में योगदान के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
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