बुजुर्गों का सम्मान और सेवा ही परिवार की असली खुशहाली किसी भी परिवार की सबसे बड़ी पूंजी उसके बुजुर्ग होते हैं। उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा परिवार को संवारने, बच्चों का भविष्य बनाने और संस्कार देने में लगाया होता है। इसलिए बढ़ती उम्र में उन्हें बोझ नहीं, बल्कि सम्मान और स्नेह का अधिकार मिलना चाहिए। बुजुर्गों का हमेशा ख्याल रखें। उनकी जरूरतों को समझें, समय-समय पर उनका हाल पूछें और उन्हें यह महसूस कराएं कि वे परिवार के सबसे महत्वपूर्ण सदस्य हैं। घर के छोटे-छोटे बच्चों को भी बचपन से यह संस्कार दें कि वे अपने दादा-दादी, नाना-नानी और परिवार के अन्य बुजुर्गों का सम्मान करें तथा उनकी सेवा में सहयोग करें। जब परिवार के सभी सदस्य प्रेम, सहयोग और समर्पण की भावना से एक-दूसरे का साथ देते हैं, तो घर का वातावरण सुखद और शांत बना रहता है। इससे आपसी तनाव कम होता है, रिश्तों में विश्वास बढ़ता है और बच्चों को भी अच्छे संस्कार मिलते हैं। याद रखें, जिस परिवार में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वहाँ अनुभव का मार्गदर्शन, प्रेम का वातावरण और खुशहाली का वास होता है। आइए, हम सब मिलकर अपने बुजुर्गों की सेवा, सम्मान और देखभाल का संकल्प लें, क्योंकि आज उनकी सेवा करेंगे तो कल आने वाली पीढ़ी हमसे भी वही सीखेगी। बलराम निषाद दैनिक प्रहरी लाइव न्यूज़ Author Profile बलराम Latest entries समाचारAugust 6, 2026संतकबीरनगर: पीड़िता के परिजनों से मिले पूर्व मंत्री मुकेश साहनी और निषाद आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र निषाद, निष्पक्ष जांच की मांग समाचारAugust 4, 2026बस्ती में दिव्यांग छात्राओं के लिए ई-ट्राईसाइकिल योजना 2026-27 शुरू, आवेदन आमंत्रित समाचारAugust 3, 2026गोरखपुर जोन की 51वीं अन्तर जनपदीय शूटिंग स्पोर्ट्स एवं रायफल/रिवाल्वर/पिस्तौल शूटिंग प्रतियोगिता वर्ष 2026 का समापन व पुरस्कार वितरण हुआ सम्पन्न । समाचारAugust 3, 2026बुजुर्गों का सम्मान और सेवा ही परिवार की असली खुशहाली See also देवरिया की पूर्व बीएसए शालिनी श्रीवास्तव गिरफ्तार, शिक्षक आत्महत्या प्रकरण में थीं फरार Post Views: 71 Post navigation समाजसेवी अरविंद चक्रवाल को दिल्ली मे मिला राष्ट्रीय सम्मान। महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले की जलगांव जामोद तहसील अंतर्गत वादी खुर्द गांव के ग्रामवासियों ने आज पंचायत समिति के गट विकास अधिकारी (BDO) को निवेदन पत्र सौंपकर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की