प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शांति भंग की आशंका के मामलों में लोगों को जेल भेजने की पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने पाया कि एक व्यक्ति को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धाराओं 170, 126 और 135 के तहत आठ दिनों तक अवैध रूप से न्यायिक हिरासत में रखा गया, जो उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का खुला उल्लंघन है।डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को पीड़ित मंसूर अहमद उर्फ लल्लू को 2 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया। मामला मंसूर अहमद और उनकी पत्नी द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका से जुड़ा है। याचिका के अनुसार, 19 मार्च 2026 की रात खीरी थाना पुलिस मंसूर अहमद को उनके घर से बिना स्पष्ट कारण बताए हिरासत में ले गई। परिवार को गिरफ्तारी की वजह नहीं बताई गई और हिरासत के दौरान मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया। याचिका में यह भी दावा किया गया कि एक पुलिस उपनिरीक्षक ने रिहाई के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। अदालत के समक्ष यह भी बताया गया कि पूरी कार्रवाई घरेलू हिंसा संबंधी एक शिकायत के आधार पर शुरू हुई थी, जबकि उस मामले में कोई संज्ञेय अपराध दर्ज नहीं था। परिजनों ने मुख्यमंत्री पोर्टल सहित कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन राहत न मिलने पर 23 मार्च को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि कई बार अधिकारी यह मानकर नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन करते हैं कि उनके गलत कार्यों पर किसी का ध्यान नहीं जाएगा और बहुत कम लोग न्याय पाने के लिए आगे आएंगे। जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस संजीव कुमार की खंडपीठ ने कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार है और उसका उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने इसी क्रम में एक अन्य मामले में घरेलू विवाद के कारण 24 घंटे तक अवैध रूप से पुलिस लॉकअप में रखे गए व्यक्ति को 25 हजार रुपये अंतरिम मुआवजा देने का भी आदेश दिया। हाईकोर्ट के इस फैसले को नागरिक अधिकारों की सुरक्षा और पुलिस जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। See also अयोध्या प्रकरण पर मुख्यमंत्री योगी का सख्त संदेश, बोले— जन-आस्था से खिलवाड़ करने वालों को भुगतना होगा परिणामAuthor Profile बलराम Latest entries समाचारAugust 6, 2026संतकबीरनगर: पीड़िता के परिजनों से मिले पूर्व मंत्री मुकेश साहनी और निषाद आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र निषाद, निष्पक्ष जांच की मांग समाचारAugust 4, 2026बस्ती में दिव्यांग छात्राओं के लिए ई-ट्राईसाइकिल योजना 2026-27 शुरू, आवेदन आमंत्रित समाचारAugust 3, 2026गोरखपुर जोन की 51वीं अन्तर जनपदीय शूटिंग स्पोर्ट्स एवं रायफल/रिवाल्वर/पिस्तौल शूटिंग प्रतियोगिता वर्ष 2026 का समापन व पुरस्कार वितरण हुआ सम्पन्न । समाचारAugust 3, 2026बुजुर्गों का सम्मान और सेवा ही परिवार की असली खुशहाली Post Views: 30 Post navigation क्षेत्राधिकारी सदर ने किया पैदल गश्त, आमजन को दिलाया सुरक्षा का भरोसा हरिद्वार में कूड़ा ट्रॉली पलटने पर बवाल, व्यापारी और नगर पालिका कर्मचारी आमने-सामने