वाराणसी, 11 जून 2026। धर्मनगरी काशी में पुरुषोत्तम मास की परमा एकादशी के अवसर पर गुरुवार को आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। भोर होते ही हजारों श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंच गए और पवित्र गंगा में स्नान कर दान-पुण्य किया। घाटों पर “हर-हर महादेव” और “हर-हर गंगे” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने दशाश्वमेध, अस्सी, केदार, पंचगंगा, राजघाट, गाय घाट, शीतला घाट, मीर घाट, अहिल्याबाई घाट और सामने घाट सहित विभिन्न घाटों पर स्नान-ध्यान कर पुण्य अर्जित किया। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने देवगुरु बृहस्पति मंदिर में दर्शन-पूजन किया तथा श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। परमा एकादशी के अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे। ज्योतिषाचार्य रंजीत झा ने बताया कि अधिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को परमा, पुरुषोत्तमी अथवा कमला एकादशी कहा जाता है। सनातन धर्म में इसका विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव और भगवान शिव की कृपा से कुबेर को देवताओं के कोषाध्यक्ष का पद प्राप्त हुआ था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार परमा एकादशी पर व्रत, गंगा स्नान, दान-पुण्य तथा भगवान विष्णु एवं शिव की आराधना करने से विशेष पुण्य फल और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी विश्वास के साथ दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने काशी में स्नान और दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की।

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बलराम
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